दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चीन, क्या है इरादा

चोमोलूंगमा सागरमाथा या फिर माउंट एवरेस्ट से चाहे जो कहे दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर आपका स्वागत है चीनी सर्वे दल की एक टीम यहां पहुंची है उनका काम दुनिया की सबसे ऊंची चोटी की ऊंचाई को फिर से नापना है वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इससे ना सिर्फ प्रकृति को लेकर इंसान की जानकारी बेहतर होगी बल्कि वैज्ञानिक विकास में भी इससे मदद मिलेगी शिखर पर पहुंचने के बाद चीनी टीम में बर्फ से ढकी चोटी पर लगभग 20 वर्ग मीटर में सर्वे मारकर लगाए इसके बाद मापन के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरणों का सहारा लिया गया जैसे कि चीन का अत्याधुनिक बायतु सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम और गरीबी मीटर

अभी माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर है चीन और नेपाल दोनों इसे मान्यता देते हैं

1955 में भारतीय सर्वे के दौरान ऊंचाई मापी गई थी बाद में 1975 में एक चीनी सर्वे में इसकी पुष्टि हुई चीन में 2005 में भी ऐसा अभियान छेड़ा था

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चीन, क्या है इरादा
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चीन, क्या है इरादा

और एवरेस्ट की ऊंचाई को 8844.43 मीटर पाया था लेकिन इस साल अप्रैल से चीन ने दोबारा माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई को मापने का अभियान शुरू किया है

8300 मीटर की ऊंचाई पर बने माउंटेन कैंप से शिखर तक पहुंचने में चीनी टीम और कैमरा गुरु को लगभग 9 घंटे लगे इससे पहले वह 6 बार ऐसी कोशिश कर चुके थे लेकिन खराब मौसम की वजह से ऐसा ना कर सके वह माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई मापने की प्रक्रिया से चली गई दक्षिण पश्चिमी चीन के तिब्बती स्वायत्त इलाके में माउंट चोमोलूंगमा वन्यजीव के लिए स्वर्ग जैसा है

चीन की सरकार ने हाल के सालों में यहां पर्यावरण सुरक्षा के कदमों को सख्ती से लागू किया है यहां वन्यजीव स्तनधारियों की 50 प्रजातियां और पौधों की लगभग 2000 प्रजातियां पाई जाती हैं लेकिन समुद्र तल से 6500 मीटर की ऊंचाई पर होने के बावजूद यहां का इकोसिस्टम

इंसानी गतिविधियों का शिकार बन रहा है पर्वतारोही यहां कचरा बढ़ा रहे हैं समुद्र तल से 6500 मीटर की ऊंचाई पर होने के बावजूद वहां बहुत सारा कचरा और प्रदूषण है समुद्र तल से 5800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बर्फीली गुफा से साफ पानी आना चाहिए लेकिन वहां पानी पीला है पीनी सर्वे टीम इस साल एवरेस्ट पर पहुंचने वाला पहला समूह है क्योंकि कोरोनावायरस के संक्रमण को देखते हुए नेपाल और चीन दोनों में पर्वतारोहण की सभी गतिविधियों को रोक रखा है

नेपाल और चीन की सीमा पर स्थित माउंट एवरेस्ट का उत्तरी हिस्सा चीन के स्वायत्त तिब्बत क्षेत्र में पड़ता है जबकि दक्षिणी हिस्सा नेपाल में

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